वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने आलोक तोमर की स्मृति में आयोजित व्याख्यायान में मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ‘मोदी सरकार आने के बाद देश में पत्रकारिता के हालात बदल गए हैं। अब संपादक को पता नहीं होता कि कब फोन आ जाए। कभी पीएमओ तो कभी किसी मंत्रालय से सीधे फोन आता है। इन फोन कॉल्स मे खबरों को लेकर आदेश होते हैं ‘

पुण्य प्रसून ने आगे कहा कि ‘मीडिया पर सरकारों का दबाव पहले भी रहा है लेकिन पहले एडवाइजरी आया करती थी कि इस खबर को न दिखाया जाए या इस दंगे से तनाव फैल सकता है, लेकिन अब सीधे फोन आता है कि इस खबर को हटा लीजिए। आज तक के पूर्व पत्रकार ने कहा कि जब तक संपादक के नाम से चैनलों को लायसेंस नहीं मिलेंगे। जब तक पत्रकार को अखबार का मालिक बनाने की अनिवार्यता नहीं होगी, तबतक कॉर्पोरेट दबाव बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि खुद उनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आते हैं और अधिकारी बाकायदा पूछते हैं कि अमुक खबर कहां से आई ?

ये अफसर धड़ल्ले से सूचनाओं और आंकड़ों का स्रोत पूछते हैं। प्रसून ने आगे बताया कि अक्सर सरकार की वेबसाइट पर आंकड़े होते हैं लेकिन सरकार को ही नहीं पता होता।
बाबा रामदेव पर बोला हमला

वाजपेयी ने बाबा रामदेव पर हमला बोलते हुए कहा कि राजनैतिक पार्टियों के काले धंधे में बाबा भी शामिल हैं। बाबा टैक्सफ्री चंदा लेकर नेताओं को पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वो इसका खुलासा स्क्रीन पर करेंगे।