ख़त्म हुआ इंतजार, अब एक मंच से मोदी पर हमला  बोलेंगी डिंपल यादव और प्रियंका गांधी !

0

Newbuzzindia : ​उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कड़ा जवाब देने के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा अब रायबरेली की सभा के बाद समाजवादी पार्टी की नेता और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के साथ मिलकर चुनाव प्रचार को गति देने के लिए संयुक्त सभा करने की योजना बना रही हैं। उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लखनऊ में जिस तरह दो बार संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस किया था उसी तरह कांग्रेस प्रियंका और डिंपल को एक साथ मंच पर उतारना चाहती है ताकि जनता को अधिक से अधिक आकर्षित किया जा सके।
प्रियंका और डिंपल कर सकती हैं संयुक्त रैली

कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि राहुल और अखिलेश की संयुक्त प्रेस कांफ्रेस का दोनों दलों को बहुत फायदा मिला था इसी तरह पार्टी चाहती है कि इन दोनों महिलाओं को उतार कर गठबंधन को मजबूत बनाया जाए। दोनोंं महिला नेताएं अपनी सभा में भीड़ को आकर्षित कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि आजमगढ़ एवं पूर्वांचल के इलाके में प्रियंका और डिंपल संयुक्त रैली कर सकती हैं। रायबरेली में प्रियंका ने जिस तरह मोदी पर निशाना साधा है उस से पता चलता है कि प्रियंका इस गठबंधन को और आक्रामक बना कर जनता को अपनी ओर आकर्षित कर सकती हैं।
प्रियंका का जादू अभी भी बरकरार

आज उत्तर प्रदेश के तीसरे चरण का मतदान होने के बाद यह गठबंधन चौथे चरण पर आपना ध्यान केन्द्रित कर रहा है। राज्य में सात चरण में मतदान होना है और अभी केवल दो चरण ही हो पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि महिला नेता के चुनाव प्रचार में उतरने से मतदाता उनकी बातों को ध्यान से सुनते हैं। भाजपा के साथ हेमामालिनी और उमा भारती स्टार प्रचारक हैं लेकिन वे उतने प्रभाव शाली वक्ता नहीं हैं, इसलिए डिंपल और प्रियंका उन पर भरी पड़ती हैं। डिंपल भी जहां जहां प्रचार कर रही हैं जनता उनकी बात सुनने के लिए आ रही है, प्रियंका का जादू तो अभी भी बरकरार है ही। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख राजबब्बर कह चुके हैं कि प्रियंका 150 सीटों के लिए चुनाव प्रचार कर सकती हैं।

भाजपा को बड़ा झटका , महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस ने किया गठबंधन !

0

Newbuzzindia: ​बड़ी खबर इस समय महाराष्ट्र से आ रही है जहाँ शिवसेना ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस से गठबंधन कर लिया है । हालाँकि यह गठबंधन रायगढ़ निकाय चुनाव के लिए यह गठबंधन स्थानीय स्तर पर किया गया है । राज्य और केंद्रीय स्तर के नेतृत्व का इस गठबंधन में कोई भूमिका नही है ।  इसमें न तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं और न ही महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण।

यहां लोग उस वक्त अपनी आंख मलने लगे, जब उन्होंने स्थानीय प्रत्याशियों के पोस्टरों और बैनरों पर दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरों को एक साथ देखा। इनमें लोगों से कांग्रेस-शिवसेना को मत देने की अपील की गई है। रायगढ़ में चुनाव 21 फरवरी को होने हैं। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से कांग्रेस का राज्य नेतृत्व बिफरा हुआ है और उसने जिला नेतृत्व से रिपोर्ट मांगी है।

गंभीर दिख रहे महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, “हमने इस पर जानकारी मांगी है। पार्टी की स्थानीय इकाई ने राज्य नेतृत्व की अनुमति के बिना यह कदम उठाया है। हम मामले को देख रहे हैं।” भाजपा ने इस गठबंधन की आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता मोहन भंडारी ने अपना यह पुराना बयान दोहराया कि राज्य में हो रहे स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस व शिवसेना के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ हो चुकी है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप को सिरे से खारिज किया है। उधर, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सहयोगी भाजपा पर वार का एक भी मौका नहीं चूक रहे हैं।
उद्धव ठाकरे का ऐलान- मुंबई निगम चुनाव में अकेले लड़ेगी शिवसेना

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार (26 जनवरी) को ऐलान किया था कि नगर निगम चुनावों में उनकी पार्टी अकेले उतरेगी लेकिन इस बारे में कुछ नहीं बताया कि राजग सरकार में उनका दल गठबंधन सहयोगी बना रहेगा या नहीं। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा के साथ कोई भी रहे लेकिन राज्य में परिवर्तन आएगा। वहीं प्रदेश भाजपा 
अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उद्धव ने शिव सेना के कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते हुए अपने आक्रामक भाषण में खाद्यी ग्रामोद्योग के कैलेंडर में महात्मा गांधी की तस्वीरें नहीं छापने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर प्रकाशित करने के मुद्दे को भी उठाया। उपनगर गोरेगांव में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की सभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा, ‘मुझे भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता का फोन नहीं आया। शिवसेना 50 साल पुरानी है। हालांकि गठबंधन (भाजपा के साथ) में हमारे समय के 25 साल सबसे खराब रहे। हमने हिंदुत्व के मुद्दे पर हमेशा आपकी (भाजपा) सराहना की। शिवसेना का जन्म सत्ता के लिए नहीं हुआ लेकिन अगर कोई भी शिवसेना को कमजोर आंकने की भूल करेगा तो हम उसे उखाड़ फेंकेंगे।’

​देश में पहली बार जारी हुआ ‘नोटा का घोषणापत्र’, लोगों को जागरूक करना लक्ष्य 

0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान कल होना है इस बीच सभी सियासी दलों ने अपना अपना घोषणापत्र भी जनता के बीच पहुंचा दिया है जनता हर बार की तरह इस बार भी इन घोषणपत्रों को एक नजर देख रही है और अलग रख दे रही है तो कुछ उत्सुक नव युवा इन घोषणापत्रों को पढ़ रहे हैं और अपने साथियों से चर्चा कर रहे हैं।

इसी बीच राजधानी में एक अनोखा घोषणापत्र जारी हुआ है यह अनोखा इसलिए है क्योंकि ये किसी राजनैतिक दल का नही बल्कि नोट का है वही नोट जिसकी घोषणा 2013 में हो चुकी है लेकिन आज तक वो अपने अंजाम तक नहीं पहुँच पाया। 

इस घोषणापत्र का शीर्षक ‘नोटा का घोषणापत्र’ है और इसकी पहली लाइन में ही नोटा का इतिहास लिखा गया है इसको लिखा है देश के युवा पत्रकार अनुराग सिंह ने. 

जानिए क्या है नोटा? 

नोटा एक ऐसा विकल्प है जो आपको चुनाव में खड़े किसी भी प्रत्याशी को न चुनने का अवसर देता है.

यह विकल्प ईवीएम मशीन में सबसे आखिरी में होता है जिसमें NONE OF THE ABOVE लिखा होता है. 
इस घोषणापत्र को जारी करने वाले लोग खुद को ‘नोटा मित्र’ कहते हैं नोटा मित्र’ मंडली में राजधानी के रहने वाले टीचर, अधिवक्ता और पत्रकार तक जुड़े हुए हैं इस टीम ने पिछले साल लखनऊ में फैली मच्छर जनित बिमारी डेंगू के समय लोगों की मदद करने के साथ ही प्रशासन के खिलाफ भी मोर्चा खोला था।

मंडली के संयोजक के अरविंद शुक्ल हैं, जो पेशे से अंग्रेजी के अध्यापक हैं इन्होंने कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट में नोटा के प्रचार-प्रसार को लेकर एक जनहित याचिका दायर की थी उन्होंने कहा कि ‘इस पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए नोटा का प्रचार करने का आदेश दिया था।

पिछले साल राजधानी के मड़ियांव क्षेत्र में डेंगू फैल गया था जिसके कारण काफी लोगों की मौत हो गई, और कई मरीज काफी दिनों तक अस्पतालों में भर्ती रहे इससे व्याथित अरविन्द ने ये अभियान शुरू किया था जिसका उद्देश्य ऐसे जनप्रतिनिधियों को हटाना है जो जनता के काम नही आते इसीलिए उन्होंने ये अभियान शुरू किया जिससे लोगों के बीच में जागरूकता फैले।

जानें “वैलेंटाइन डे” पर बसपा सुप्रीमो मायावती का क्या है प्लान ?

0

Newbuzzindia :  वैलेंटाइन डे प्यार का त्यौहार है । भारत में इस त्यौहार को जोरों शोरों से मनाया जाता है । पाकिस्तान की तरह भारत में वैलेंटाइन डे पर बैन नही लगाया गया है । हालाँकि बजरंग दल जैसे कुछ दल इसका विरोध जरूर करते रहते है । ऐसे चुनाव के माहौल में अगर कोई आपको बसपा सुप्रीमो मायावती के वैलेंटाइन डे के प्लान के बारे में बताए तो कौन नही जानता चाहेगा ।

जी हां आपने सही सुना । यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का वेलेंटाइन डे प्लान । दरअसल वैलेंटाइन डे यानि 14 फरवरी को मायावती  उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान के तहत कल दिनांक 14 फरवरी (दिन मंगलवार) को कानपुर व लखनऊ ज़िले में चुनावी जनसभा को सम्बोधित करेंगी।

 

इस कार्यक्रम के तहत मायावती की पहली चुनावी जनसभा कानपुर ज़िला में रामसहाय इण्टर कालेज मैदान बैरी शिवराजपुर के सामने खेल का मैदान में आयोजित होगी व दूसरी चुनावी जनसभा लखनऊ जिले के ई1-कॉम-1, सीतापुर रोड, दुबग्गा बाईपास, आम्रपाली योजना में आयोजित होगी।

 


इसके अगले दिन अर्थात् दिनांक 15 फरवरी 2017 को बीएसपी सुप्रीमो द्वारा उत्तर प्रदेश के रायबरेली व बाराबंकी जिले में जनसभा को सम्बोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
    

उत्तर प्रदेश में बीएसपी उत्तर प्रदेश विधान सभा की सभी 403 सीटों पर अपनी पूरी दमदारी व तैयारी के साथ अकेले अपने बलबूते सरकार बनाने के लिये चुनाव लड़ रही है।

 

मायावती उत्तर प्रदेश में बीएसपी उम्मीदवारों के समर्थन में अब तक मेरठ, अलीगढ़, बुलन्दशहर, हाथरस, मुजफ्फरनगर, एटा, बरेली, फिरोजाबाद, फर्रूखाबाद, आगरा, गाजियाबाद सम्भल, बदायूँ, शाहजहाँपुर, मुरादाबाद, लखीमपुरखीरी, सहारनपुर, बिजनौर, सीतापुर व हरदोई जिले में चुनावी जनसभा को सम्बोधित कर चुकी हैं।

मोदी जी सिर्फ मन की बातें करते है पर किसी की सुनते नही : राहुल गांधी 

0

Newbuzzindia : बिजनौर में आज राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लेते हुए जमकर हमला बोला । राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी सिर्फ मन की बातें करते है पर किसी की सुनते नही । राहुल गांधी बिजनौर के अफजलगढ़ में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे । 

https://twitter.com/OfficeOfRG/status/831138674062422016

इसके पहले राहुल गांधी ने मोदी सरकार और भाजपा प्हार हमला बोलते हुए कहा था  कि मोदी जी बोलते हैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूँ,मगर उत्तराखंड में जिन भ्रष्ट नेताओं को हमने पार्टी से निकाला उनसे मोदी जी गले मिलते हैं 
https://twitter.com/OfficeOfRG/status/830713096649846784


शिवसेना का पीएम मोदी पर सीधा हमला, बोले बाथरूम छाप राजनीती करना बंद करें मोदी !

0

Newbuzzindia: ​शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तगड़ा हमला बोलते हुए उन्‍हें बाथरूम छाप राजनीति ना करने को कहा है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे लेख के जरिए पीएम पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह‍ के ऊपर राज्‍यसभा में ‘रेनकोट’ वाले बयान को निशाना बनाया गया है। इस लेख का टाइटल ‘बाथरूम छाप राजनीति यह टाला जाना चाहिए’ है। इसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे व्‍यक्ति को इस तरह की टिप्‍पणियां नहीं करनी चाहिए। बाथरूम में झुककर देखना किसी को भी शोभा नहीं देता। यह टाला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के उत्‍तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी नेताओं की कुंडलियां निकालने के बयान पर भी ‘सामना’ में कटाक्ष किया गया है।

इसमें लिखा है, ”उत्‍तर प्रदेश की प्रचार सभा में मोदी ने ऐसी धमकी दी कि आप सभी की कुंडलियां हमारे पास हैं। इस पर अखिलेश यादव का जवाब ऐसा था कि गूगल पर सभी की कुंडलियां एक क्लिक पर मिलती है। उत्‍तर प्रदेश का चुनाव कितने निचले स्‍तर तक चला गया है इसका यह एक उत्‍तम नमूना है। इस तरह की कीचड़ फेंक में देश के प्रधानमंत्री या राज्‍य के मुख्‍यमंत्री को तो कम से कम शामिल नहीं होना चाहिए। दुर्भाग्‍य से लोकतंत्र के हमाम में सभी नंगे होने से प्रधानमंत्री और मुख्‍यमंत्री जैसे लोग भी कैसे दूर रहेंगे।”

‘सामना’ में लिखा है कि प्रधानमंत्री को दलगत राजनीति से दूर रहना चाहिए। जिस सरकारी कवच-कुंडल और सरकारी मशीनरी में वे घूमते हैं और बोलते हैं कि वह एक तरह का चुनावी भ्रष्‍टाचार है। भाजपा के उत्‍तर प्रदेश में खराब कानून-व्‍यवस्‍था के लिए सपा सरकार पर आरोपों पर भी निशाना साधा गया है। इसमें लिखा है कि सूबे में भाजपा के पास 70 सांसद हैं वे क्‍या कर रहे हैं। जिस तरह से मुंबई में शिवसैनिक लोगों की रक्षा को निकलते हैं वैसे ही उन्‍हें भी बाहर आना चाहिए। वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई और ठाणे के निकाय चुनावों के प्रचार के दौरान भाजपा व पीएम मोदी पर हमले बोल रहे हैं। उन्‍होंने रैली के दौरान नोटबंदी का मामला उठाते हुए लोगों से कहा कि वे इस तरह से मतदान करें कि वह भाजपा पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की तरह वार हो।

गौरतलब है कि मुंबई नगर निगम के चुनावों में भाजपा और शिवसेना अलग-अलग लड़ रहे हैं। दोनों के बीच सीटों को लेकर बात नहीं बनी थी। इसके बाद से शिवसेना के भाजपा पर तेवर तल्‍ख है। वह नोटबंदी और अच्‍छे दिन के नारे पर लगातार भाजपा पर करारे हमले बोल रही है। उद्धव ठाकरे तो कह चुके हैं कि मोदी सरकार ने नोटबंदी से जनता को परेशान किया है।

मोदी सरकार की आलोचना करने पर सेना के जवान भी नही है सुरक्षित, हाई कोर्ट पहुंचा मामला !

0

Newbuzzindia : वैसे तो आलोचना किसी भी सरकार को पसंद नही है लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद इसका असर ज्यादा हो गया है । सरकार के समर्थकों की एक फ़ौज तैयार हो गयी है । सरकार की आलोचना करने वालों पर यह फ़ौज एक साथ हमला कर देती है । यह फ़ौज ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों जगह मौजूद है । 

पहले तो यह फ़ौज देशभक्ति , भगवान और सेना के नाम पर हमला बोला करती थी लेकिन कुछ दिनों पहले इस सेना ने सेना के एक जवान पर ही हमला बोल दिया । दरअसल दुच समय पहले सेना के एक जवान तेज बहादुर ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की थी । जवान ने शिकायत करते हुए कहा था कि उनको दिया जाने वाला खाना अच्छा नही है । इसके बाद से ही यह जवान लापता है । 

केजरीवाल ने मोदी जी से पुछा, तेज बहादुर कहाँ है ?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीएसएफ के ‘लापता’ जवान को लेकर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी से सवाल पूछा है। केजरीवाल ने ट्वीट कर पूछा कि मोदी जी, बताएं तेज़ बहादुर कहां है? दरअसल, सोशल मीडिया के जरिए जवानों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले बीएसएफ जवान की पत्नी ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दावा किया कि उनके पति लापता हैं और पिछले तीन दिन से परिवार के सदस्य उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। 
9 जनवरी को फेसबुक पर किया था वीडियो पोस्ट 

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने 9 जनवरी को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने जवानों को कथित तौर पर दिए जाने वाले खाने को दिखाया था। यादव ने दाल में केवल हल्दी और नमक होने का दावा किया था। उसने साथ ही कहा था कि उन्हें जली हुई रोटी दी जाती है। वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ‘लापता’ जवान को खोजने की मांग करने वाली उस याचिका पर आज सुनवाई के लिए तैयार हो गया, जिसने वीडियो पोस्ट कर जवानों को दिए जाने वाले भोजन की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया था। 

मनमोहन सिंह पर अभद्र  भाषा का इस्तेमाल करने पर Twitter में लोगों ने पीएम मोदी को बताया जाहिल ! #JaahilPMModi किया ट्रेंड

0

Newbuzzindia : राज्यसभा में आज बहुत कुछ हुआ । एक ओर तो प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ” रेनकोट पहनकर बाथरूम में नहाना कोई मनमोहन सिंह से सीखे” वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी के भाषण के दौरान रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर पर नींद की सर्जिकल स्ट्राइक देखने को मिली । प्रधानमंत्री राज्यसभा में भाषण दे रहे थे और उनके पीछे बैठे रक्षामंत्री नींद की झपकियां ले रहे थे ।
पीएम मोदी की मनमोहन सिंह पर की गई इस टिपण्णी के बाद कांग्रेस ने पीएम को बायकॉट करने का ऐलान किया है । वहीं Twitter पर भी जानता ने पीएम मोदी को जमकर लताड़ा । Twitter पर लोगों ने पीएम मोदी को जाहिल बताते हुए #JaahilPMModi के साथ ढेरों ट्वीट किए । 

#JaahilPMModi twitter पर रात तक टॉप पे ट्रेंड किया । यह रहे कुछ मुख्य tweets…


https://twitter.com/i_me_my5elf/status/829322395957723137

संसद में हुई पीएम मोदी की बेज्जती, लोकसभा में दे रहे थे गलत जानकारी !

0


Newbuzzindia :  संसद में आज प्रधानमंत्री मोदी को बड़ी बेज्जती का सामना करना पड़ा । संसद के बजट सत्र के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान उस समय सब हक्के-बक्के रह गए जब एक सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने जाकर कहने लगा कि आप गलत जानकारी दे रहे हैं।

दरअसल मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद प्रस्‍ताव का जवाब दिया। अपने भाषण के दौरान मोदी जी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

लेकिन जैसे ही उनका भाषण ख़त्म हुआ , बीजू जनता दल के सांसद तथागत सत्‍पति पीएम मोदी के पास पहुंच गए। मोदी के सामने लाइन लगाए खड़े बीजेपी सांसदों ने सोचा कि सत्‍पति उनकी तारीफ करेंगे, लेकिन उन्होंने मोदी से कहा, “प्रधानमंत्री जी, आपको गलत जानकारी दी गई है।”

मोदी ने तुरंत पूछा, ”क्या ?” जवाब में सत्पति ने स्पष्ट किया कि आपका वह बयान कि कोयला खदान रिटेल में कोयला बेच रही हैं, गलत है। कोई भी कोयला खदान रिटेल में कोयला नहीं बेच रही है।

उन्होंने कहा कि यहां तक कि पावर स्‍टेशनों को भी पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है । सत्‍पति इतना कहकर वहां से चले गए और बीजेपी सांसद हक्‍के-बक्‍के रह गए।

यूपी चुनाव : भाजपा के आधे से ज्यादा उम्मीदवार नही गए कॉलेज, दागी उम्मीदवार उतारने में भाजपा सबसे आगे !

0


Newbuzzindia :
भारतीय जनता पार्टी के लिए यूपी चुनाव जितना महत्वपूर्ण है उतना ही उसे जीतना कठिन । भाजपा में 50 से ज्यादा उम्मीदवार ऐसे है जो दूसरी पार्टी से निकलकर भाजपा में आए है । इससे भाजपा नेताओं में असंतोष और भीतरघात बड़ गया है । इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है जो भाजपा आपको कभी नही बताएगी ।

यूपी चुनाव में भाजपा की ओर से उतरे गए आधे से ज्यादा उम्मीदवार ऐसे है जिन्होंने कभी कॉलेज का मुंह नही देखा । साथ ही दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में भी भाजपा सबसे आगे रही । सभी पार्टियों में भाजपा ने सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवारों को टिकट दिए है । यह वो उम्मीदवार है जिन पर हत्या , बलात्कार , लड़ाई – झगड़ा और अपहरण जैसे मामले दर्ज है । 

वैसे तो भाजपा विकास और राजनीती में स्वच्छता की बात करती है परंतु समझ नही आ रहा की मोदी जी अनपढ़ उम्मीदवारों से विकास और दागी उम्मीदवारों से विकास कैसे लाएंगे ? 

यूपी विधान सभा चुनाव के लिए पहले तरण का मतदान 11 फरवरी को होगा। राज्य में कुल सात चरणों में मतदान होंगे। नतीजा 11 मार्च को आएगा। पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों की 73 विधान सभा सीटों के लिए मतदान होगा। इन विधान सभा सीटों पर कुल 838 प्रत्याशी मैदान में हैं। एडीआर ने इनमें से 836 प्रत्याशियों के चुनाव आयोग को दिए हलफनामे का विश्लेषण किया है।

यूपी में पहले चरण में 98 राजनीतिक दल मैदान में होंगे। इनमें पांच राष्ट्रीय दल, आठ क्षेत्रीय दल, 85 गैर-मान्यता प्राप्त दल और 293 निर्दलीय अपनी किस्मत आजमाएंगे। पहले चरण में मैदान में उतर रहे प्रत्याशियों में 302 (36 प्रतिशत) ने खुद को करोड़पति बताया है। पहले चरण में उतर रहे प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये है। वहीं जिन 836 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया उनमें से 168 ( 20 प्रतिशथ) पर आपराधिक मामले हैं। इनमें से 143 (17 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।

पहले चरण में जिन उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामले चलने की जानकारी दी है उनमें से सबसे ज्यादा उम्मीदवार भाजपा के हैं। उसके बाद बसपा और सपा का स्थान है। सबसे कम आपराधिक मामले वाले उम्मीदवार निर्दलीय हैं।

यूपी में पहले चरण में चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा 5वीं से 12वीं पास हैं। उसके बाद स्थान है स्नातक या उससे अधिक तक की शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों की। वहीं कुछ उम्मीदवारों ने खुद को केवल साक्षर बताया है तो 15 ने खुद को निरक्षर।

Facebook