मोदी जी, रेल हादसों में हो रही मौतों का जिम्मेदार कौन..?

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Newbuzzindia : मोदी सरकार में भारतीय रेल सेवा प्रभु भरोसे यानी “भगवान भरोसे” चल रही है । आए दिन रेल हादसे हो रहे और लोग मर रहे है । वहीं सरकार केवल सहानुभूति दे रही है । 

भारतीय रेल को ना संभाल पाने वाली मोदी सरकार बुलेट ट्रेन का सपना देख रही है । मोदी सरकार के पिछले एक साल के कार्यकाल(2016) में 13 ट्रैन हादसे हो चुके है । इन हादसों में मरने वालों की संख्या 188 है । वहीं इन हादसों में घायल होने वालों की संख्या 387 है । 

सरकार एक तरफ रेल किराए में लगातार बढ़ोतरी कर रही है वहीं दूसरी ओर सुविधा के नाम पर खानापूर्ति और सुरक्षा के नाम पर लापरवाही ही कर रही है । 

कांग्रेस ने किया हमला । 
बढ़ते रेल हादसों को लेकर कांग्रेस पार्टी में मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है । कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाया है कि इन रेल हादसों और इन मौतों का जिम्मेदार कौन है ? क्या मोदी जी इन मौतों की जिम्मेदारी लेंगे ?

सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बाद दिलचस्प हुए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव !

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Newbuzzindia :समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबन्धन से उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है और ज्यादातर सीटों पर हार जीत का अन्तर काफी कम होने के आसार हो गये हैं।

सपा और कांग्रेस ने आज यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। राज्य विधानसभा की कुल 403 सीटों में से 298 पर सपा उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे जबकि 105 पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने संवाददाताओं से कहा कि उनका गठबंधन साम्प्रदायिक तत्वों को सत्ता से बाहर रखेगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनेगी।

अभी यह तय नहीं है कि सरकार बनने की स्थिति में कांग्रेस उसमें शामिल होगी या नहीं। इस बारे में राजबब्बर ने ‘यूनीवार्ता’ से कहा, “अभी हमारे सामने 300 से अधिक सीटों को जीतने का लक्ष्य है। सरकार बनी तो कांग्रेस उसमें शामिल होगी।” मुख्यमंत्री अखिलेश ने भी कई बार कहा है कि कांग्रेस से गठबंधन होने पर 300 सीटें जीतेंगे ।

गठबन्धन के बारे में सभी राजनीतिक दल अपने अपने ढंग से व्याख्या कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई है कि चुनाव दिलचस्प होगा। कई सीटों पर हार जीत का अन्तर भी काफी कम रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार गठबन्धन होने से गैर भाजपा मतों में ज्यादा विभाजन नहीं होगा। इससे सपा और कांग्रेस दोनो को फायदा होगा, हालांकि इससे भाजपा को थोडा नुकसान होने की सम्भावना है।

उधर भाजपा का कहना है कि लडाई त्रिकोणात्मक होने पर ही उसके उम्मीदवारों को फायदा होगा। सीधी लडाई में उसके प्रत्याशी को हानि ही होगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि गठबन्धन की वजह से कांग्रेस और सपा दोनो की ताकत बढेगी और दोनो मिलकर सरकार बनाने में सफल होंगे।

भाजपा के प्रदेश महासचिव विजय बहादुर पाठक का कहना है कि अखिलेश यादव ने गठबन्धन कर चुनाव से पहले ही अपनी कमजोरी साबित कर दी। पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे थे तो गठबन्धन की बात क्यों की। क्या उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा नहीं रह गया। अब तो सपा अखिलेशमय है, फिर भी गठबन्धन कर मुख्यमंत्री ने यह साबित कर दिया कि सपा कमजोर हुई है और वह चुनाव अपने दम पर लडने में सक्षम नहीं है।

श्री पाठक ने कहा कि सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोनों के नेता कहने लगे हैं कि गठबन्धन ही भाजपा को सत्ता में आने से रोक सकती हैं। इसका मतलब राज्य में चल रही सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। राजनीतिक दृष्टि से जो पार्टी मजबूत होती है उसी के खिलाफ सारे दल बोलते हैं। वर्ष 2012 में बसपा के खिलाफ भाजपा और सपा बोलते थे और इस समय सपा ,कांग्रेस और बसपा तीनों ही भाजपा के खिलाफ बोल रहे हैं।

इसका मतलब है कि भाजपा की स्थिति मजबूत है और वह सत्ता में आ रही है। उनका दावा है कि भाजपा अपनी कार्यकर्ताओं के बल पर और जनता के समर्थन से 300 सीटों पर जीत हासिल करेगी ।

दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषक राघवेन्द्र का कहना है कि कांग्रेस की नजर 2017 पर कम 2019 पर ज्यादा है। इस चुनाव में गठबन्धन के जरिये वह अपनी ताकत बढाना चाहती है ताकि उसे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिले।

श्री राघवेन्द्र का कहना है कि गठबन्धन और बसपा उम्मीदवारों के मजबूती से लडने पर चुनावी लडाई त्रिकोणात्मक होगी। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है क्योंकि भाजपा विरोधी मत दो या दो से अधिक उम्मीदवारों में बटेंगे। शायद ही कोई सीट ऐसी होगी जिसपर चुनाव परिणाम आने से पहले निश्चित रूप से यह कहा जा सके कि ‘ फला’ उम्मीदवार ही जीतेगा।

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर साधा निशाना , मोदी ने विकास के नाम पर देश के साथ किया धोका !

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Newbuzzindia : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “जिन्होंने ‘अच्छे दिन’ और ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा दिया, उन्होंने कितना काम किया जनता यह जानती है।” अखिलेश ने सपा के चुनावी घोषणा-पत्र जारी करने से पहले पार्टी द्वारा किए गए विकास कार्यो का ब्योरा दिया।

अखिलेश ने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के ‘स्वच्छता अभियान’ पर भी निशाना साधा।

उन्होंने यह भी कहा, “तीन साल से जनता ढूंढ रही है कि विकास कहां है? विकास के बहाने उन्होंने जनता को कभी झाड़ू पकड़ा दी, तो कभी योगा करवा दिया तो कभी कुछ और।”

मुख्यमंत्री ने पार्टी के विकास कार्यो का ब्योरा देते हुए कहा, “सही मायने में देश की जनता जानती है कि किस पार्टी ने क्या किया। जो बातें घोषणा पत्र में नहीं थी, समाजवादी पार्टी ने उसे भी पूरा किया। समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी में कोई भेद नहीं है। सपा ने बड़े पैमाने पर काम किया।”

अखिलेश यादव ने यह भी कहा, “समाजवादियों से पूछो, हम बता सकते हैं कि हमने क्या काम किया। कोई जिला नहीं है, जहां काम नहीं हुआ।”

सामने आया स्मृति ईरानी का झूठ, DU को डिग्री दिखने के लिए किया था मना !

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Newbuzzindia :केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर जारी विवाद के बीच स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) ने केंद्रीय सूचना आयोग को बताया है कि इरानी ने एक आरटीआई आवेदन पर दिल्ली विश्वविद्यालय को उनकी शैक्षणिक योग्यता का खुलासा नहीं करने को कहा था।

आयोग ने स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग को केंद्रीय कपड़ा मंत्री इरानी के शैक्षणिक विवरण से जुड़े सभी रेकॉर्ड उसके समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। आयोग के समक्ष रेकॉर्ड प्रस्तुत करने में विफल रहने के लिए डीयू के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी को एक ताजा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एक याचिकाकर्ता द्वारा यह आरोप लगाने के बाद कि इरानी ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव लड़ने से पहले दाखिल अपने हलफनामों में विरोधाभासी सूचना दी थी, इरानी की डिग्रियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अप्रैल, 2004 लोकसभा चुनावों के लिए अपने हलफनामे में इरानी ने कहा था कि उन्होंने अपना बीए 1996 में डीयू (स्कूल ऑफ कॉरस्पॉन्डेंस) से किया, जबकि 11 जुलाई, 2011 के एक अन्य हलफनामे में जो उन्होंने गुजरात से राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया था, उन्होंने कहा कि उनकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता बी.कॉम पार्ट 1 है।

हालांकि इस मामले को अदालत द्वारा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि शिकायत दाखिल करने में पहले ही काफी समय गुजर चुका है। केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष यह मुद्दा अभी बरकरार है क्योंकि याचिकाकर्ता ने याचिका दाखिल कर कहा कि इरानी की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी उसे एसओएल से नहीं मिली है। मामले की सुनवाई के दौरान एसओएल के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी ओ पी तंवर ने कहा था कि चूंकि मामला तीसरे पक्ष की जानकारी से जुड़ा था इसलिए उन्होंने इरानी से इस जानकारी के बारे में पूछा गया था।

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू अपने मामले की सुनवाई के बाद इरानी के आग्रह को देखते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता जाहिर नहीं करने का आदेश दिया था। लेकिन बाद में मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर बाद में इरानी के बीए डिग्री कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया था।

RBI गवर्नर को नही पता नोटबंदी के बाद कितने पुराने नोट हुए बैंकों में जमा !

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Newbuzzindia :भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को बैंकों में जमा पुराने नोटों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसा आज उन्होंने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश होकर बताया।

यह समिति कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली के नेतृत्व वाली है। जिसके सामने आज गर्वनर को पेश होना था। समिति के एक सवाल के जवाब में गवर्नर ने नोटबंदी के बाद बैंकों में पुराने नोट कितने फीसद जमा हुए यह बताने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी समाचार चैनल NDTV को मिली है।

गवर्नर का यह बयान समिति को पहले दिए गए उस लिखित बयान के उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रचलन से हटाने की घोषणा से सिर्फ एक दिन पहले 7 नवंबर को सरकार ने आरबीआई को बड़े रद्द नोटों को रद्द करने की ‘सलाह’ दी थी।

पटेल ने समिति को यह नहीं बताया कि प्रतिबंधित नोटों में से कितने बैंकों में वापस आ चुके हैं। इसके अलावा गवर्नर ने समिति को बताया कि नई करेंसी में 9.2 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में डाले जा चुके हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना संभव नहीं है कि बैंकिंग व्यवस्था कब तक सामान्य होंगे। इसके बाद गवर्नर 20 जनवरी को केवी थॉमस वाली लोक लेखा समिति के सामने भी पेश हो सकते हैं।

आपको बता दें कि, आरबीआई की इस बात के लिए आलोचना हो रही है नोटबंदी को लेकर उसने पहले से पर्याप्त तैयारियां नहीं की थीं और उसने अपनी स्वायत्तता से समझौता किया।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 3 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ पेट्रोल , मोदी सरकार ने फिर भी बढ़ाए दाम !

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Newbuzzindia : मोदी सरकार के आने के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में लगातार गिरावट होती रही है । कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद मोदी सरकार लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि करती आ रही है । शायद सरकार इससे लोगों को अच्छे दिन याद दिला रही है।  ।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के ट्वीट के अनुसार कच्चे तेल की क़ीमतें $.46प्रति बैरल कम हुई पर मोदी सरकार ने तेल की क़ीमतें बढा दी। पिछले 30 दिनों में पेट्रोल के रेट 4.92 रुपये वहीं डीजल की कीमत में 4.25 रुपये की वृद्धि की गयी है ।

कुछ ही महीनों में उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव होने है । वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का नुक्सान भाजपा को उत्तरप्रदेश में देखना पड़ सकता है । 

फ्लॉप हुई नोटबंदी : 67 दिन बाद भी मोदी नही बता पा रहे कितना कालाधन पकड़ा गया !

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Newbuzzindia :बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने 61वें जन्मदिन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर निशाना साधा है. मायावती ने कहा है कि बीजेपी बुरे दिनों के लिए तैयार हो जाए. नोटबंदी से बेहाल जनता यूपी में बीजेपी का बिहार जैसा ही हाल करेगी.

मायावती ने कहा , ‘’नोटबंदी के 50 दिन से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी पीएम यह नहीं बता पा रहे हैं कि इससे कितना काला धन पकड़ा गया है.’’ मायावती ने कहा, ‘’नोटबंदी का फैसला राजनीतिक स्वार्थ के लिए लिया गया है.’’
मायावती ने आगे कहा, ‘’बीजेपी मुझे और मेरे रिश्तेदारों को बेवजह परेशान कर रही है. अगर बीजेपी मेरा और मेरे रिश्तेदारों की संपत्ति का ब्योरा चाहती है, तो सबसे पहले बीजेपी अपने नेताओं की संपत्ति का खुलासा करे.’’ उन्होंने बीजेपी से नोटबंदी लागू होने के 10 महीने पहले का हिसाब देने की मांग भी की.
मायावती ने बीजेपी के अलावा प्रदेश की सपा सरकार पर भी आरोप लगाए. मायावती अपने जन्मदिन मनाने को लेकर कहा, ‘’अखिलेश ने पिता के जन्मदिन के नाम पर यूपी को जनता को लूटा है. मेरा जन्मदिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन की तरह शाही अंदाज में नहीं मनाया जाता.’’

मायावती ने कहा, ‘’सपा और बीजेपी की अंदरूनी मिलीभगत के चलते यूपी में जंगलराज चल रहा है. बीजेपी के खिलाफ जनता में गुस्सा है और कांग्रेस ऑक्सीजन पर चल रही है. उत्तर प्रदेश में जनता बीएसपी को सत्ता में लाने का निश्चय कर चुकी है.’’

जन्मदिन पर बोली मायावती , नोटबंदी के कारण 90% लोग हुए कंगाल !

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Newbuzzindia : बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज अपने 61वे जन्मदिन के मौके पर पीएम मोदी पर बड़ा हमला किया है । मायावती ने कहा है कि नोटबंदी के कारण 090% लोग कंगाल हो गए है । मायावती ने आगे कहा कि “नोटबंदी मोदी सरकार द्वारा अपनी कमियों और विफलताओं से प्रदेश और देश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए सोची समझी साजिश है”
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बसपा की सरकार बनने का भरोसा व्यक्त करते हुए पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार (15 जनवरी) को कहा कि नोटबंदी का फैसला केंद्र की भाजपा सरकार की सोची समझी साजिश है और राजनीतिक स्वार्थ में लिये गये इस फैसले से देश का आम आदमी अभी तक उबर नहीं पाया है। मायावती ने यहां अपने 61वें जन्मदिन के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अपनी कमियों और विफलताओं से प्रदेश और देश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए सोची समझी साजिश के तहत केंद्र की भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ में विधानसभा चुनाव घोषित होने से कुछ समय पहले आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला किया।’’

उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिये गये इस फैसले से देश की जनता विशेषकर मध्यम वर्ग अभी उबर नहीं पा रहा है। पचास दिन से ज्यादा बीत गये लेकिन अभी तक देश में हालात पहले की तरह सामान्य नहीं हुए। नोटबंदी से देश में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मायावती ने कहा, ‘‘देश भर में ये भी आम चर्चा है कि नोटबंदी का ये फैसला लेने से पहले दस महीने में भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी और राष्ट्रीय नेताओं और चंद पूंजीपतियों एवं धन्नासेठों के काले धन को पूरे तौर से ठिकाने लगवा दिया था।’’

उन्होंने कहा कि इस बात में काफी कुछ सच्चाई इसलिए भी नजर आ रही है क्योंकि गत वर्ष हमारी पार्टी व परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा एक ‘रूटीन’ में नियमों के तहत बैंक खाते में जमा धन को भी भाजपा व केंद्र की सरकार ने सोची समझी राजनीतिक साजिश के तहत उसे मीडिया में ऐसे उजागर कराया जैसे कि ये हमारा धन काला धन है।
मायावती ने कहा कि भाजपा और मोदी में थोड़ी सी भी ईमानदारी और सच्चाई है और वे खुद को पूरी तरह बेदाग और दूध के धुले समझते हैं तो नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले के दस महीने और आठ नवंबर के बाद का पार्टी नेताओं और पूंजीपतियों के बैंक खातों का ब्यौरा सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, ‘‘इन खातों में कितना धन जमा हुआ और किन किन कार्यों पर कितना खर्च किया गया है, उसका भी हिसाब किताब देशवासियों के सामने देना चाहिए। लेकिन वे :भाजपा: ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इससे उनका असली चेहरा सामने आ जाएगा कि वे कितने बेदाग हैं।’’

मायावती ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में भाजपा एंड कंपनी के लोगों को अपने विरोधियों और उनके रिश्तेदारों के पास खासकर उनके काम को लेकर कुछ भी आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रहा है लेकिन फिर भी ये लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ में नैतिकता को दरकिनार करते हुए मान मर्यादा की हदों को पार कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में खासकर बसपा की मजबूती देखकर और उसे सत्ता में आने से रोकने के लिए बसपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के मकसद से भाजपा आये दिन कभी पार्टी तो कभी परिवार के लोगों पर आरोप लगा रही है।

मायावती ने कहा, ‘‘मेरे परिवार के लोग जो भी छोटा मोटा कारोबार पिछले कई साल से कर रहे हैं और यदि केंद्र सरकार को उनके कारोबार में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही थी तो ये लोग अब तक के आधे शासनकाल में क्या कर रहे थे। चुनाव के नजदीक आते ही मेरे परिवार में गड़बड़ी नजर आयी अर्थात चुनाव के दौरान पार्टी और परिवार में सभी कमियां नजर आने लगी हैं।’’ जन्मदिन के मौके पर मायावती ने ‘मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ पुस्तक का विमोचन भी किया।

कांग्रेस का बड़ा दाव, प्रकाश सिंह बदल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे कैपटन अमरिंदर सिंह !

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Newbuzzindia : पंजाब विधानसभा चुनाव से बड़ी खबर आ रही है । पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को खुली चुनौती देते हुए कांग्रेस के कैपटन अमरिंदर सिंह चुनाव लड़ सकते है । 
अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस आलाकमान से प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही है । सूत्रों से मिली खबर के अनुसार कांग्रेस प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ युथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाररिंग को लड़वाना चाहती है । 

प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव चाहे कोई भी लड़े लेकिन एक बात तो साफ़ है कि कांग्रेस पंजाब चुनाव में पूरी ताकत के साथ लड़ने वाली है । वहीं कांग्रेस इस चुनाव में पूरी ताकत लगाते हुए अकाली दल और भाजपा के सफाया करना चाहती है । 

Social Media पर गली गलौच वाले ट्रोल को प्रोत्साहित करते है पीएम मोदी !

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Newbuzzindia : अटल सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने एक इंटरव्यू में पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सोशल मीडिया पर गाली गलौज करने वाले ट्रॉल को प्रोत्साहित करते हैं।

अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट द वायर को दिए इंटरव्यू में शौरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर दूसरों से गाली गलौज करने वालों को मोदी न सिर्फ प्रोत्साहित करते हैं बल्कि उन्हें पीएम हाउस बुलाकर मुलाकात भी करते हैं। मुलाकात के बाद जितने भी ट्रॉल हैं सभी ने मोदी के साथ अपनी-अपनी फोटो भी डाली है।

शौरी ने आगे कहा कि उन ट्रॉल में से किसी एक शख्स को बीजेपी आईटी सेल का प्रमुख भी बना दिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि ये गाली गलौज करवाना मोदी सरकार और बीजेपी का ऑपरेशन है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2014 में पीएम मोदी को दिए समर्थन को अपनी जिंदगी की दूसरी सबसे बड़ी गलती बताया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के खिलाफ वीपी सिंह का समर्थन करना उनके जीवन की पहली सबसे बड़ी गलती थी तो वर्ष 2014 में मोदी का समर्थन करना जीवन की दूसरी सबसे बड़ी गलती थी।

अरुण शौरी के इस बयान को लेकर ट्विटर पर कई यूजर्स ने उन पर निशाना साधा है। कई यूजर्स ने कहा कि वह जल्द ही आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं। वहीं कुछ ट्विटर यूजर्स उनके समर्थन में भी नजर आए। बता दें कि अरुण शौरी को पहले भी सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा चुका है।

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